मूर्ति

एक बार की बात है, बहुत दूर पहाड़ियों में एक आदमी रहता था, उसके पास एक मूर्ति थी जो उसके गुरु ने उसे दी थी| यह उसके दरवाजे की बाहर बेकार पडी हुई थी और वह उसे ठीक से रखने की कोई चिंता भी नहीं करता था|

एक बार शहर में रहने वाला एक समझदार आदमी वहां से गुजरा, मूर्ति को देखकर उसने मालिक से इसे खरीदने की इच्छा जाहिर की|

मालिक हंसा और बोला, “आखिर कौन उस बेरंग और गंदे पत्थर को खरीदना पसंद करेगा?”

शहरी आदमी ने कहा, “मैं तुम्हें इसके बदले में चांदी का एक सिक्का देने के लिए तैयार हूँ|”

मूर्ति का मालिक हैरान भी था और खुश भी|

उस मूर्ति को हाथी की पीठ पर लाद कर शहर ले जाया गया| कई महीनों के बाद पहाड़ों में रहने वाला वह व्यक्ति शहर घूमने के लिए आया और जब वह शहर में घूम रहा था तो उसने एक दूकान के बाहर भीड़ देखी, जहां पर एक आदमी खडा होकर चिल्ला रहा था, “आईये और दुनिया की सबसे खूबसूरत और लाजवाब कलाकृति को देखिए| सिर्फ दो चांदी के सिक्कों देकर इस कलाकारी के नायब नमूने का दर्शन कीजिये|”

उस पहाड़ों में रहने वाले उस व्यक्ति नें चांदी के दो सिक्के देकर दूकान में प्रवेश किया और वह यह देखकर हैरान रह गया कि यह तो वही मूर्ति थी जो उसने खुद चांदी के एक सिक्के के बदले में बेच दी थी|

[Friends, हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहना मानव-स्वभाव है, लेकिन इस दौरान हम कई बार, चीजों को हासिल करने की इस दौड़ में, उन चीजों की कद्र नहीं करते जो कि हमारे पास पहले से ही होती हैं| किसी महान व्यक्ति ने कहा भी है, “मैं इसलिए उदास था क्योंकि मेरे पास पहनने के लिए अच्छे जूते नहीं थे, लेकिन गली में एक ऐसा आदमी भी था जिसके पैर ही नहीं थे|”

Nick Vujicic इसका जीता-जागता उदाहरण हैं जिनका एक वीडियो आप नीचे दिए link पर click करके देख सकते हैं| मुझे इस विडियो को देख कर हमेशा motivation मिलती है|]

 

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